जन स्वास्थ्य प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, भारत सरकार-

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ADMISSION OF SELF SPONSORED STUDENTS IN THE ONE YEAR POST-GRADUATE DIPLOMA IN PUBLIC HEALTH MANAGEMENT (PGDPHM) COURSE


पृष्ठभूमि:

वर्तमान समय में पूरे देश के द्वारा जन स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना किया जा रहा हैA इसके परिणामस्वरुप इस क्षेत्र में ऐसे सुयोग्य व्यावसायिकों, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों एवं कार्यक्रमों को निष्पादित करके उनका प्रबोधन कर सकें, जन स्वास्थ्य जनशक्ति के कार्यों का पर्यवेक्षण करने, जनस्वास्थ्य मुद्दों संबंधी विभिन्न आयामों का पूर्ण आकलन करने तथा उभरती हुई चुनौतियों से निपटने के लिए समुचित रणनीतियाँ तैयार करने में सक्षम हों, की तैनाती करके केंद्र तथा राज्य सरकार की स्वास्थ्य प्रणाली में क्षमता का विकास किये जाने की मांग बढ़ी हैA इसे ध्यान में रखते हुए, ऐसे कार्यक्रमों को तैयार किये जाने की आवश्यकता है, जिनके अंतर्गत विद्यमान तथा उभरती हुई जन स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए अपेक्षित कौशल प्रदान किया जायेगा और जनस्वास्थ्य संबंधी प्रबंधकीय जनशक्ति की निष्पादन क्षमता में वृद्धि करने पर ध्यान दिया जायेगा.


उद्देश्य:

विशेष रूप से तैयार किये गए डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालन के माध्यम से जन स्वास्थ्य में प्रबंधकीय जनशक्ति की कार्य क्षमता में वृद्धि करना.


पाठ्यक्रम अवधि:

यह कार्यक्रम एक वर्षीय आवासीय पाठ्यक्रम है, जिसमें ढ़ाई माह के परियोजना कार्य सहित आठ माह का कक्षा शिक्षण होगाA तत्पश्चात छात्रों को शोध प्रबंध लेखन तथा डेढ़ माह में किये गए कार्य का मूल्यांकन करने के लिए अपने मूल संस्थान में लौटना अपेक्षित होगा.


पात्रता:

इस पाठ्यक्रम में निम्नलिखित वर्गों के लिए आवेदन करने हेतु पात्र हैं:

  • स्वास्थ्य क्षेत्र में न्यूनतम दो से तीन वर्ष की सेवा अनुभव सहित केंद्रीय, राज्य अथवा स्थानीय सरकार में कार्यरत सेवाकालीन आवेदक.
  • आवेदक एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस. डिग्री धारक हो अथवा नर्सिंग/स्वास्थ्य विज्ञान/प्राकृतिक विज्ञान में अथवा समाज विज्ञान में बी.एस.सी. डिग्री या बी.ए. अथवा निम्नलिखित सहित इसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए
  • सामुदायिक, अस्पताल अथवा जिला स्तर पर जन स्वास्थ्य गतिविधियों में संबद्ध हों।
  • स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, जन स्वास्थ्य अथवा परिवार कल्याण
  • अन्य स्वास्थ्य संगठनों से सबंधित

इस कार्यक्रम हेतु सरकार द्वारा नामित चिकित्सीय डॉक्टरों/सेवाकालीन आवेदकों को वरीयता प्रदान की जाएगी.

चयन प्रक्रिया में, आवेदक के कार्यानुभव, पृष्ठभूमि के आधार पर संस्तुति प्राप्त आवेदकों की संवीक्षा तथा इस प्रशिक्षण से उसको होने वाले उपयुक्त लाभ को सहयोगी संस्थान द्वारा ध्यान में रखा जायेगा.


सीटों की संख्या:

राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में ‘जनस्वास्थ्य प्रबंधन में पोस्ट गेजुएट डिप्लोमा’ के लिए चार राज्यों नामतः उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड तथा राजस्थान से आवेदकों हेतु कुल तीस सीटें निर्धारित हैं.


पाठ्यक्रम शुल्क:

इस पाठ्यक्रम हेतु प्रति आवेदक रू. 2.50 लाख का शुल्क देय होगा. इस शुल्क के अंतर्गत आवासीय सुविधाओं के प्रावधान जैसे सांस्थानिक सुविधाएं, भोजन एवं पाठ्यक्रम सामग्री शामिल होंगीA यह प्रस्ताव है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ चार अन्य संस्थान भी जन स्वास्थ्य विकास/राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से संबद्ध पहल को प्रथम कुछ वर्षों के लिए इस कार्यक्रम को सक्रियतापूर्वक बढ़ावा देंगी.


पाठ्यक्रम प्रशासन:

प्रस्ताव है कि पूरे देश में शैक्षणिक संस्थाओं के एक नेटवर्क द्वारा इस पाठ्यक्रम को पूर्णतः आवासीय पाठ्यक्रम के रूप में प्रस्तावित किया जायेगाA कुल नौ संस्थानों अर्थात अखिल भारतीय जन स्वास्थ एवं स्वच्छता संस्थान कोलकाता, महात्मा गांधी चिकित्सा आयुर्विज्ञान संस्थान वर्धा, भारतीय जन स्वास्थ्य संस्थान, अहमदाबाद, भारतीय जन स्वास्थ्य संस्थान- दिल्ली, स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़, जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, पुदुचेरी, भारतीय जन स्वास्थ्य संस्थान, हैदराबाद, भारतीय जनस्वास्थ्य संस्थान, भुबनेश्वर तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान नई दिल्ली में इस कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा.


पाठ्यक्रम की रूपरेखा तथा शैक्षणिक शर्तें:

शैक्षणिक वर्ष (अगस्त से जुलाई) को चार माह की अवधि के तीन भागों में बांटा गया है. पहली अवधि 01 अगस्त को प्रारंभ होगी और 30 नवम्बर को समाप्त होगी. दूसरी अवधि इसी क्रम में 01 दिसंबर से 31 मार्च तक चलेगी. तीसरी अवधि 01 अप्रैल से 31 जुलाई के मध्य परियोजना कार्य हेतु समर्पित रहेगा.


विषयवस्तु:

डी.पी.एच.एम. 45 क्रेडिट अंक का एक कार्यक्रम है तथा 33 क्रेडिट अंक लगभग 16 से अधिक माड्यूल्स में वितरित किये जा चुके हैं और इस परियोजना हेतु 12 क्रेडिट आवंटित किये गए हैं. यह कार्यक्रम बहु-अनुशासनिक पाठचर्या के अंतर्गत तैयार किया गया हैA इस कार्यक्रम में शामिल किये गए विषय क्षेत्र में मुख्य रूप से जन स्वास्थ्य प्रबंधन, जैव सांख्यिकी, जनांकिकी, एपिडेमियोलॉजी, नीतिशास्त्र, स्वास्थ्य संवर्धन तथा शिक्षा और स्वास्थ्य संसाधन एवं वित्त प्रबंधन, स्वास्थ्य विधि, साम्यता एवं समाज विज्ञान पर विशेष रूप से केन्द्रित किये गए है.


प्रशिक्षण कार्य पद्धति:

इस पाठ्यक्रम में शिक्षण/सीखने की तकनीकी, संगोष्ठियां, जर्नल क्लबों, सहयोगपूर्वक सीखने की कला, समूह चर्चा, केस अध्ययन, व्याख्यान-चर्चा, प्रतिभागियों हेतु नियत कार्य, कम्प्यूटर का दत्त प्रशिक्षण(हैंड्स ऑन ट्रेनिंग), जन स्वास्थ्य रूचि से जुड़े संगठनों का तथा व्यावहारिक एवं क्षेत्र कार्यों का प्रयोग किया जाता हैA कक्षाओं में निदेशकों द्वारा प्रतिभागियों के बीच कक्षा चर्चा सत्र हेतु संचालित किये जाते हैं तथा इसे प्रोत्साहन दिया जाता हैA प्रति केस चर्चा हेतु कक्षा-पूर्व तैयारियों की आवश्यकता एवं अध्ययन हेतु नियत कार्य के साथ केस आधारित प्रारूप में व्यवस्थित की गई हैं.