राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र (एन.डी.सी.) के बारे में

राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र (एन.डी.सी.) एक विशिष्ट सूचना संसाधन केंद्र हैं, जो स्वास्थ्य, जनसंख्या तथा परिवार कल्याण आदि से जुड़े विषयों के सभी पक्षों के प्रालेखन हेतु सेवाएं प्रदान करता है I यह सूचना-बैंक के रूप में सेवाएं प्रदान करता है I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र की स्थापना मई 1977 में दो शीर्षस्थ संस्थानों अर्थात राष्ट्रीय परिवार नियोजन संस्थान तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रशासन एवं शिक्षण संस्थान के पुस्तकालयों के विलय के फलस्वरूप हुई थी I दोनों संस्थान विभिन्न गतिविधियों जैसे सारांशीकरण, सूचीकरण करना, डेटाबेसों का डिज़ाइन एवं विकास तथा प्रालेखन कार्य, राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय सूचना स्रोतों तक पहुँच उपलब्ध करने हेतु पुस्तकालयी संचालन एवं परामर्श सेवाओं आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार और प्रालेखन हेतु समर्पित हैं I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र का सबसे प्रमुख कार्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से जुड़ी सूचनाओं का संग्रह करना, उन्हें प्रकाशित और प्रसारित करना है, जिसकी समाज के विभिन्न वर्गों के लाभ हेतु ज़रूरत है I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र का मुख्य उद्देश्य वैश्विक फलक पर उत्कृष्टता के साथ पूरे देश की मानव संसाधनों को विकसित करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को स्वास्थ्य नीतियों, रणनीतियों तथा अभियान की योजनाओं के लिए उच्च गुणवत्ता एवं संदर्भ सेवाएं प्रदान करने हेतु स्वास्थ्य, जनसंख्या एवं परिवार कल्याण से संबद्ध वर्तमान तथा पारंपरिक सूचना संसाधनों का प्रमुख अभिरक्षक बनना है I


राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र में पुस्तकों से संबद्ध नवीनतम सामग्री, पत्रिकाएं, विशिष्ट लेखों और ऑनलाइन पत्रिकाएं, सरकारी रिपोर्टों, संगोष्ठियों एवं सम्मेलनों से संबद्ध कार्यवाहियों, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा संबद्ध शिक्षण विषयों, सी.डी रोम, ऑनलाइन आंकड़े जैसे पॉपलाइन और जनगणना संबंधी रिपोर्टों आदि का समृद्ध संग्रह है I


संग्रह पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत है तथा इसे एक डिजिटल पुस्तकालय के रूप में शीघ्र ही परिवर्तित कर दिया जायेगा I पुस्तकालय सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है I पूछताछ हेतु मदद के लिए भूमितल पर एक सूचना डेस्क (काउंटर) भी है I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र चिकित्सा महाविद्यालयों, शोध संस्थानों तथा सरकारी और गैरसरकारी एजेंसियों से आने वाले वैज्ञानिकों, शोधार्थियों एवं छात्रों की आवश्यकताओं का ध्यान रखती है I


डेलनेट

डेलनेट के सदस्य के रूप में, प्रालेखन केंद्र दिल्ली में पुस्तकालयों के आपसी समन्वयन में नेटवर्क विकास के माध्यम से संसाधनों को बढ़ावा दे रहा है I यह सभी सहभागी पुस्तकालयों की ऑनलाइन पुस्तकों हेतु कैटलॉग, वर्तमान पत्र-पत्रिकाओं की सूची, संदर्भ-सूची डेटाबेस एवं शोधप्रबंधों और शोध-आलेखों का आंकड़ा-कोष, भारतीय विशेषज्ञों में कौन-क्या है?, जैसी सामग्री के लिए सेवाएं प्रदान करता है I यह सूचनाओं एवं दस्तावेजों के लेनदेन हेतु अन्य क्षेत्रीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्कों, पुस्तकालयों के साथ समन्वय बनाकर सहयोग करता है I इस संबंध में आंकड़े तेज़ी से तैयार हो रहे हैं अतः इसे नियमित अंतराल पर अपडेट किया जा रहा है I डेलनेट अपने सदस्यों हेतु व्यवस्थित सुविधाएं प्रदान करता है I डेलनेट द्वारा संसाधनों को साझा करने का अथक प्रयास प्रभावशाली सिद्ध हुआ है I यह वास्तव में सम्पूर्ण भारत में पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण के प्रति एक बड़ी उपलब्धि है I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र के उपयोगकर्ता स्वतंत्र रूप से डेलनेट डेटाबेस में लॉग-इन कर सकते हैं I    


अंतर्पुस्तकालयी ऋण सुविधा

यद्यपि राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र श्रेष्ठ-संसाधनों से सुसज्जित पुस्तकालय है, फिर भी हम प्रत्येक चीज प्रस्तुत नहीं कर सकते जिसे हर उपयोगकर्ता संभवतः एक निश्चित समय पर सेवाएं लेना चाहता है I अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से, हमने आवधिक-पत्रिकाओं एवं पुस्तकों की सुविधा हेतु अंतर्पुस्तकालयी ऋण को प्रमाणित किया है जिन्हें किसी भी स्थानीय पुस्तकालय से जारी करवाया जाता है एवं जो समान रूचि को स्थापित करती हैं I   यदि वाचन सामग्री पुस्तकालय में उपलब्ध नही हैं तो अंतर्पुस्तकालयी ऋण की सुविधा के अंतर्गत किसी अन्य पुस्तकालय से जारी करवा सकते हैं I जब भी आवश्यकता होगी तो पुस्तकें अन्य पुस्तकालयों को उपलब्ध करवाई जाएंगी I अंतर्पुस्तकालयी ऋण सेवा संस्थान के शोधकर्ताओं तथा छात्रों की आवश्यकताओं की पूरक व्यवस्था करता है I छात्रों एवं कर्मचारियों, पुस्तकालय द्वारा गृहीत, जिन्हें शोध अथवा अध्ययन हेतु इन पुस्तकों की आवश्यकता है, अन्य पुस्तकालय से जारी करवाने के लिए निवेदन कर सकते हैं I इस संबंध में निवेदन केवल राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र के काउंटर पर उपलब्ध फ़ार्म तथा उनको पूर्णतः भरकर, अंतर्पुस्तकालय ऋण फ़ार्म के आधार पर ही स्वीकृत किए जाएंगे, तत्पश्चात फ़ार्म एस.डी.ओ. राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र में जमा करना होगा I निवेदन फार्म संस्थान के शिक्षण संकाय द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किया गया होना चाहिए I

परिचालन-सह-संदर्भ सेवाएं
राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र की सदस्यता-प्राप्ति कैसे प्राप्त करें

राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र की सदस्यता-प्राप्ति हेतु आवेदन पत्र राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र के परिचालन डेस्क से प्राप्त किया जा सकता है I संक्षिप्त आवेदन पत्र को भरने के उपरांत, विभागाध्यक्ष द्वारा संस्तुति प्राप्त आवेदक का विवरण पुस्तकालय में उपयोगकर्ता के डेटाबेस में शामिल कर लिया जाता है I पात्रता पर आश्रित पांच अथवा दस ऋण-कार्डधारकों को पंजीयन के पूर्ण होने के उपरांत उपयोगकर्ता/सदस्य के नाम पर जारी की जाती हैं I ये कार्ड अहस्तांतरणीय हैं I किसी भी परिस्थिति में, यह कार्ड किसी अन्य को उपयोग हेतु नहीं दिया जा सकता है I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र की सदस्यता के नियम सदस्यों को उनके कार्ड खो जाने अथवा अन्य व्यक्ति द्वारा गलत उपयोग किये जाने से सुरक्षा प्रदान करने हेतु निर्मित किये गए हैं I


पुस्तकीय ऋण सुविधाएं :

निम्नलिखित सदस्य राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं : 

 

  1. एम.डी. (सी.एच.ए.) एवं अस्पताल प्रशासन में डिप्लोमा के छात्र
  2. संस्थान के संकाय
  3. संस्थान के परामर्शदाता

उपरोक्त सभी सदस्य राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र में पुस्तकीय ऋण सुविधाएं प्राप्त करने हेतु पात्र हैं I समूह 'ख' एवं 'ग' को छोड़कर वे एक बार में दस पुस्तकें/पत्रिकाएं दो सप्ताह की अवधि के लिए ले सकते हैं I इसके अतिरिक्त वे अंतर्पुस्तकालयी ऋण एवं दस्तावेज़ वितरण सेवाओं के साथ-साथ इलेक्ट्रोनिक संसाधनों की सेवाओं के लिए भी पात्र हैं I

सीमित संग्रहों में शेल्फ में रखे गए दस्तावेज़ों जैसे शोधप्रबंध, स्वास्थ्य से संबद्ध संदर्भ सामग्री और नवीनतम रिपोर्टें एवं संबंधित विषयों को उपयोगकर्ता द्वारा राष्ट्रीय प्रालेखन परिसर में जारी न करके केवल सेवाएं ली जा सकती है I


आवधिक-पत्रिकाएं, संदर्भ पुस्तकें एवं परामर्श हेतु चिन्हित की गई अप्रचलित छपी पुस्तकें और प्रकाशनों को जारी नहीं किया जायेगा I अन्य प्रकाशनों को चौदह दिन से अधिक की अवधि के लिए जारी नहीं किया जायेगा, जैसा तिथि-स्लिप पर निर्दिष्ट किया गया है I समाप्ति तिथि से पूर्व ही पुस्तकालय द्वारा मांगे जाने पर पुस्तकालय सदस्य को जारी की गई पुस्तकें/वस्तुएं तत्काल ही लौटाई जानी चाहिए  


आगंतुक पाठक :

राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र में जिनके पास सदस्यता नहीं है, वे भी पुस्तकालय उपयोग कर सकते हैं I किंतु उन्हें पुस्तकें जारी करवाने तथा अंतर्पुस्तकालयी ऋण सुविधाओं का लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा I  


पता बदलने के संदर्भ में :

पता बदलने की स्थिति में परिचालन सहकर्मी को तत्काल ही सूचित करें तथा विभागाध्यक्ष द्वारा संस्तुतिप्राप्त नए फार्म को पुनः भरकर जमा करें I  


ऋण सुविधा कार्ड के खोने के संबंध में :

कृपया ऋण कार्ड के खोने के संबंध में राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी को सूचित करें ताकि आपके कार्ड को अवैध घोषित किया जा सके I सदस्य को प्रतिलिपि कार्ड जारी करने के उद्देश्य से पुनः कार्ड प्राप्ति से पूर्व एक वचनपत्र देना होगा I


बाह्य आगंतुकों हेतु सुविधाएं :

बाह्य आगंतुकों (जो सदस्य नहीं हैं) से निवेदन है कि पुस्तकालय के स्वागत काउंटर पर उपलब्ध एक निर्धारित फॉर्म पर वरिष्ठ प्रालेखन अधिकारी, राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र, की अनुमति प्राप्त करें I उन्हें अपना नाम, पता तथा राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र में आने का समय एवं परामर्श का उद्देश्य भी रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखना होगा I


राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र ऑटोमेशन

राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र को ट्रूडन सॉफ्टवेर पैकेज से स्वचालित किया गया है जो एक अखंडित बहु-उपयोगी पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली है जिससे राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र संचालन में मदद मिलती है I ट्रूडन कुल पांच माड्यूल से बना हुआ हैं, जिनके नाम हैं (i) अधिग्रहण, (ii) परिचालन (iii) सीरियल नियंत्रण , (iv) ओपेक तथा(v) पुस्तकों की ग्रंथसूची रिकार्डों से अंतर्विषयक/संपादन दस्तावेजों का रखरखाव I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र में 40,000 से अधिक संदर्भ-सूचियों का रिकार्ड्स उपलब्ध है जिसकी सेवा ओपेक (OPAC) प्रणाली द्वारा ली जा सकती है I पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों के डेटाबेस दिन-प्रतिदिन आवश्यकतानुसार पुस्तकों के विवरण के अनुरूप अपडेट किये जाते हैं I सभी पुस्तकालय सहायकों के रिकार्ड्स ट्रूडन सॉफ्टवेर में तैयार किये गए हैं, जिन्हें सफलतापूर्वक क्रियान्वित भी किया जा चुका है I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र से जुड़े सभी कम्प्यूटरों में ओपेक के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन खोज-विकल्प भी उपलब्ध है I


प्रालेखन सेवाएं
1. Union Catalogue of Non-Print Material

आधुनिक तकनीकों के अभिग्रहण से मशीन-सुपाठ्य डेटाबेसों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है I राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र में प्रयुक्त डेटाबेसों में दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्रों में कार्यरत, 15 शीर्ष संस्थानों में उपलब्ध, लगभग 1155 अमुद्रित सामग्रियों की सूचनाएं समाविष्ट हैं I डेटाबेसों में प्रविष्टियों को रिकॉर्ड संख्या-क्रम में व्यवस्थित किया गया है I प्रत्येक प्रविष्टि में पद, निर्माता/निर्देशक, निर्माता एजेंसी, कुंजीशब्द, स्रोत तथा प्रवेश-संख्या आदि समाविष्ट हैं I चार सूचीपत्रों नामतः – विषय सूचीपत्र, निर्माता, (लेखक सूचीपत्र, पद सूचीपत्र, संस्थान सूचीपत्र) को दस्तावेज़ के अंत में जोड़ दिया गया है I


2. Health & Family Welfare Abstract

यह सेवा राष्ट्रीय प्रालेखन केंद्र में प्राप्त जनसंख्या, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और प्रमुख राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित संबद्ध विषयों के क्षेत्र में एक साथ मूल्यवान वैज्ञानिक और अनुसंधान कार्यों को संक्षेपित करने हेतु एक प्रयास है। यह राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र द्वारा उपलब्ध कराई गई पूर्व एसडीआई सेवा संबंधी जानकारियों को शामिल करती है।


3. एम.डी (पीएसएम.), एम.डी (सीएचए.), एम.एच.ए.डिप्लोमा (सीएचए.) में थीसिस संबंधी निर्देशिका

इस निर्देशिका में देश के 17 मेडिकल संस्थानों से प्राप्त थीसिस (लेखक, शीर्षक, गाइड, संस्थान, थीसिस विषयक सारांश आदि.) संबंधी ग्रंथावली सूचनाओं को शामिल किया गया है। यह निर्देशिका उन विद्वतजनों, जो सामुदायिक स्वास्थ्य, जनसंख्या, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यक्रमों आदि के क्षेत्र से संबद्ध हैं, के लिए एक संदर्भ सामग्री के रूप में अत्यंत उपयोगी पुस्तक है। निर्देशिका के अंत में इसके प्रयोक्ताओं की सुविधा के लिए लेखक अनुक्रमणिका, निर्देश संकेत सूची, संगठन अनुक्रमणिका आदि भी दिए गए हैं। ''ट्रूडन' पुस्तकालयी अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर जो प्रयोक्ताओं के लिए विभिन्न विकल्पों, जैसे लेखक, गाइड, प्रकाशक, प्रकाशन के वर्ष आदि के बारे में सूचनाएं प्राप्त करने के लिए कार्य व्यवहार में बहुत ही सरल एवं सुविधाजनक है,


4. आदिवासी स्वास्थ्य विषयक डाटाबेस

आदिवासी स्वास्थ्य विषयक डाटाबेस भारत में आदिवासी स्वास्थ्य के क्षेत्र से संबंधित साहित्य की संदर्भग्रंथ सूचियों एवं संदर्भों का विस्तृत संकलन है । इस डाटाबेस में राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र द्वारा खरीदी गई विभिन्न पत्रिकाओं के लेखों को शामिल किया गया है । इस डाटाबेस का संकलन, जाँच कार्य तथा रख-रखाव राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान परिसर में स्थित राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र द्वारा किया जाता है। प्रालेखन केन्द्र द्वारा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी मानकीकृत रूप में डाटाबेस उपलब्ध कराया जाता है।


5. प्रेस क्लीपिंग सेवाएं

राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र द्वारा अंग्रेजी के 16 दैनिक समाचार पत्रों तथा हिन्दी भाषा के 07 दैनिक समाचार पत्रों को सशुल्क मंगवाया जाता है। प्रत्येक समाचार पत्र को स्कैन करके तथा प्रयोक्ता वर्ग की रूचि के अनुरूप सामग्री को क्लिप किया जाता है तथा ए-4 के कागज शीट पर इन्हें चिपकाया जाता हैं । तत्पश्चात, इन क्लीपिंगों को एक अथवा अनेक शीर्षक दिए जाते हैं तथा कई छायाप्रतियाँ तैयार की जाती हैं। इन क्लीपिंगों को सुसज्जित जिल्दबंद कराकर प्रयोक्ताओं के उपयोग के लिए प्रसारित किया जाता है।  


6. प्रकाशनों का सूचीकरण

प्रकाशनों का सूचीकरण सेवाएं खरीदे गए नवीनतम प्रकाशनों के बारे में सूचनाओं का प्रसार करने के लिए एक सामयिक जागरूकता कौशल की श्रेणी में आता हैं। प्रकाशनों की सूचियों को विषयवार रूप से विस्तृत ढ़ंग से वर्गीकृत किया गया है। प्रत्येक प्रविष्टि में लेखकों, पुस्तकों के शीर्षक तथा प्रकाशन के स्थान, प्रकाशक तथा प्रकाशन के वर्ष के अनुसार विवरण शामिल किए गए है। इसके अतिरिक्त, प्रालेखन केन्द्र द्वारा दिए विवरण के अनुसार प्रत्येक प्रविष्टि में प्रकाशनों की पृष्ठ संख्या, प्राप्ति ¼पंजीकरण½ संख्या तथा दस्तावेज की माँग संख्या को शामिल किया गया है।

 


अन्य सुविधाएं
जेरोक्स सेवाएं

राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र में प्रयोक्ताओं को वहाँ पर उपलब्ध साहित्य की छायाप्रतियाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रालेखन केन्द्र में एक फोटोकापी मशीन भी उपलब्ध कराई गई है। यह सेवा ए-4 आकार के कागज पर अत्यंत सामान्य दरों अर्थात 0.60 पैसे प्रति कॉपी की दर से उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक संदर्भ की केवल एक प्रति आवेदक के निजी उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाती है तथा उसकी कई फोटोप्रतियाँ नही कराई जाती है।


प्रशिक्षण

जैसाकि हम जानते हैं सूचना प्रौद्योगिकी में तीव्र गति से विकास हो रहा है इसीलिए पुस्तकालयों द्वारा प्रदत्त सेवाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहे हैं। दो भिन्न समाज जैसे 'ज्ञान सम्पन्न' एवं 'ज्ञान से वंचित' व्यक्तियों के मध्य की खाई/रिक्त स्थान को भरने के क्रम में राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र ने वर्ष 2000 के बाद से चिकित्सा पुस्तकालयों को नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी से युक्त करने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के सामान्य उद्देश्य पुस्तकालयों में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग हेतु प्रायोगिक दक्षताओं को बढ़ाना है।


ऑनलाइन पत्रिकाएं

राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र ने अपनी ऑनलाइन पत्रिकाओं एवं पुस्तकों की सेवाओं में भी बढ़ोत्तरी की है। यह प्रमुख प्रकाशकों की पत्रिकाओं एवं पुस्तकों इत्यादि को ऑनलाइन देखने की सुविधा प्रदान करता है। यह सेवा एमडी (सीएचए) / डीएचए छात्रों एवं अन्य स्वास्थ्य संबंद्ध छात्रों हेतु उपलब्ध है।


अंतर्पुस्तकालयी ऋण

अंतर्पुस्तकालयी ऋण लाइब्रेरी अंतर्पुस्तकालयी ऋण प्रणाली की सुविधाओं का विस्तार करने के माध्यम से अपने उपयोगकर्ताओं/ सदस्यों की आवश्यकताओं को पूरा करती है। जब पढ़ने हेतु सामग्री पुस्तकालय में उपलब्ध नहीं होती है, अंतर्पुस्तकालयी ऋण योजना के माध्यम से वही सामग्री किसी अन्य पुस्तकालय से उधार ले ली जाती है। आईएलएल सेवा, संस्थान के छात्रों एवं शोधकर्ताओं की जरूरतों की आपूर्ति करता है। इस संस्थान के वर्तमान कर्मचारियों एवं छात्रों को अकादमिक अध्ययन एवं शोध के प्रयोजन से यदि किसी की आवश्यकता होती है तो वे इस सेवा का उपयोग कर सकते हैं। राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र के काउंटर पर उपलब्ध फार्म द्वारा आवेदन किया जा सकता है तथा फार्म को भरने के पश्चात इसे वरिष्ठ प्रालेखन अधिकारी, राष्ट्रीय प्रालेखन केन्द्र को भेजना होगा। आवेदन पत्र रास्वापक संस्थान के शिक्षण संकाय द्वारा प्रति-हस्ताक्षरित (काउंटर-साइन) होना चाहिए।